अगर आप MPESB Nursing Officer या Sister Tutor भर्ती 2026 की तैयारी करने का सोच रहे हैं, तो यह आपके लिए एक अच्छा अवसर हो सकता है। आज के समय में सरकारी नौकरी की मांग लगातार बढ़ रही है, खासकर healthcare और teaching जैसे क्षेत्रों में, जहाँ स्थिरता के साथ एक सम्मानजनक करियर भी मिलता है।
इस भर्ती में Nursing Officer, Staff Nurse और Sister Tutor जैसे पद शामिल होते हैं, जिनका चयन मुख्य रूप से लिखित परीक्षा के आधार पर किया जाता है। इसलिए तैयारी शुरू करने से पहले syllabus और exam pattern को समझना बहुत जरूरी होता है।
अक्सर उम्मीदवार बिना पूरी जानकारी के पढ़ाई शुरू कर देते हैं, जिससे बाद में confusion हो जाता है कि क्या पढ़ना है और किस पर ज्यादा ध्यान देना है। इसलिए यहां आपको जरूरी जानकारी आसान भाषा में दी गई है, ताकि आपकी तैयारी सही दिशा में चल सके।
| Particulars | Details |
| Conducting Body | Madhya Pradesh Employees Selection Board (MPESB) |
| Exam Name | Group-5 & Group-1 Subgroup-2 Recruitment |
| Posts | Nursing Officer, Staff Nurse, Sister Tutor |
| Mode of Exam | Computer-Based Test (CBT) |
| Total Questions | 100 MCQs |
| Total Marks | 100 Marks |
| Duration | 2 Hours |
| Negative Marking | No |
इस परीक्षा का आयोजन MPESB द्वारा किया जाता है, जिसमें कुल 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाते हैं और प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का होता है। परीक्षा ऑनलाइन (CBT) मोड में होती है और इसकी कुल अवधि 2 घंटे होती है।
इस परीक्षा में किसी प्रकार की negative marking नहीं होती, इसलिए उम्मीदवार सभी प्रश्न attempt कर सकते हैं। सही रणनीति और समय प्रबंधन के साथ अच्छे अंक प्राप्त करना संभव है।
Nursing Officer (Staff Nurse) Exam Pattern
इस परीक्षा में objective type प्रश्न पूछे जाते हैं, जिनका मुख्य फोकस नर्सिंग विषय और सामान्य योग्यता पर होता है।
| Section | Questions | Marks |
| General Knowledge, Reasoning, Computer | 25 | 25 |
| Nursing Subject (Technical) | 75 | 75 |
- कुल प्रश्न: 100 (MCQs)
- कुल समय: 120 मिनट
- प्रत्येक प्रश्न: 1 अंक
- Negative marking नहीं होती
Sister Tutor Exam Pattern
Sister Tutor परीक्षा में नर्सिंग के साथ-साथ teaching और सामान्य विषयों से भी प्रश्न पूछे जाते हैं।
- General English (Grammar, Vocabulary, Comprehension)
- Reasoning Ability
- Teaching Methodology
- Nursing Subjects
इस परीक्षा का पाठ्यक्रम दो मुख्य भागों में विभाजित होता है, जिससे उम्मीदवार को यह समझने में आसानी होती है कि किस हिस्से पर कितना ध्यान देना है।
- (अ) सामान्य ज्ञान, हिन्दी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामान्य अभिक्षमता — 25 अंक
- (ब) संबंधित नर्सिंग विषय पर आधारित प्रश्न — 75 अंक
सामान्य विषयों में basic understanding और current awareness का महत्व होता है, जबकि नर्सिंग विषय में आपके technical knowledge को परखा जाता है।
उम्मीदवारों को चाहिए कि वे दोनों भागों की संतुलित तैयारी करें, ताकि परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
B.Sc Nursing के पहले सेमेस्टर में छात्रों को communication skills और basic medical subjects की मजबूत नींव दी जाती है। इस स्तर पर पढ़ाई का मुख्य उद्देश्य यह होता है कि विद्यार्थी मरीजों के साथ सही तरीके से बात कर सकें और शरीर की बुनियादी संरचना और कार्यप्रणाली को समझ सकें।
इस सेमेस्टर में Communicative English पर विशेष ध्यान दिया जाता है, जिसमें सुनना, बोलना, पढ़ना और लिखना (LSRW) skills को बेहतर बनाया जाता है। इससे future में clinical practice और patient interaction आसान हो जाता है।
- Communication और basic English understanding
- Listening, Speaking, Reading और Writing skills (LSRW)
- Effective conversation और patient interaction
- Reading और writing skills का विकास
इसके साथ ही छात्रों को Applied Anatomy और Physiology की शुरुआती जानकारी दी जाती है, जिससे वे human body के अलग-अलग systems को समझ सकें। यह आगे के nursing subjects के लिए foundation का काम करता है।
कुल मिलाकर Semester I का उद्देश्य basic knowledge और communication skills को मजबूत बनाना होता है, ताकि आगे की पढ़ाई और practical training को आसानी से समझा जा सके।
इस भाग में मानव शरीर की संरचना (Anatomy) और उसके कार्य (Physiology) को समझाया जाता है। यह नर्सिंग के लिए सबसे महत्वपूर्ण आधार होता है, क्योंकि मरीज की देखभाल करने से पहले शरीर के अलग-अलग अंगों और उनके काम को समझना जरूरी होता है।
Applied Anatomy में शरीर के विभिन्न अंगों की बनावट और उनकी स्थिति के बारे में जानकारी दी जाती है, जबकि Applied Physiology में यह समझाया जाता है कि ये अंग कैसे काम करते हैं और शरीर के अंदर किस तरह से संतुलन बनाए रखते हैं।
Applied Anatomy
- Human body structure: शरीर की basic बनावट और anatomical terms की समझ दी जाती है।
- Respiratory system: सांस लेने की प्रक्रिया और फेफड़ों का कार्य समझाया जाता है।
- Digestive system: भोजन के पाचन और पोषण के अवशोषण की प्रक्रिया शामिल होती है।
- Circulatory & lymphatic system: रक्त संचार और शरीर की रक्षा प्रणाली को समझाया जाता है।
- Endocrine system: हार्मोन और उनके प्रभाव के बारे में जानकारी दी जाती है।
- Sensory organs: आंख, कान, नाक जैसे अंगों की संरचना और कार्य समझाए जाते हैं।
- Musculoskeletal system: हड्डियों और मांसपेशियों के तालमेल को समझाया जाता है।
- Renal system: किडनी और शरीर से अपशिष्ट निकालने की प्रक्रिया बताई जाती है।
- Reproductive system: प्रजनन अंगों की संरचना और उनके कार्य शामिल होते हैं।
- Nervous system: दिमाग और नसों के नेटवर्क को समझाया जाता है।
Applied Physiology
- Basic physiology: शरीर के काम करने के मूल सिद्धांत समझाए जाते हैं।
- Respiratory function: ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड के आदान-प्रदान की प्रक्रिया।
- Digestive function: भोजन को ऊर्जा में बदलने की प्रक्रिया।
- Circulatory system: रक्त के माध्यम से पोषण और ऑक्सीजन का वितरण।
- Blood: रक्त के घटक और उनके कार्य।
- Endocrine function: हार्मोन द्वारा शरीर के नियंत्रण की प्रक्रिया।
- Sensory response: शरीर का बाहरी संकेतों पर प्रतिक्रिया देना।
- Musculo-skeletal function: शरीर की गति और संतुलन बनाए रखना।
- Renal function: शरीर से waste पदार्थ बाहर निकालना और संतुलन बनाए रखना।
- Reproductive function: प्रजनन प्रक्रिया और संबंधित कार्य।
- Nervous control: शरीर के सभी कार्यों का नियंत्रण और समन्वय।
कुल मिलाकर यह भाग नर्सिंग छात्रों को यह समझने में मदद करता है कि शरीर के अलग-अलग सिस्टम कैसे एक साथ मिलकर काम करते हैं। अगर इन concepts को अच्छे से समझ लिया जाए, तो आगे के clinical subjects को समझना काफी आसान हो जाता है।
दूसरे सेमेस्टर में नर्सिंग छात्रों को शरीर के साथ-साथ समाज, व्यवहार और पोषण से जुड़ी जरूरी चीजों की समझ दी जाती है। इसका उद्देश्य यह होता है कि छात्र मरीज की स्थिति को बेहतर तरीके से समझ सकें और सही देखभाल कर सकें।
Applied Sociology
- Introduction: समाज की basic समझ और उसका व्यक्ति पर प्रभाव।
- Social structure: समाज की बनावट और लोगों की भूमिका।
- Culture: परंपराएं और सामाजिक व्यवहार।
- Family & Marriage: परिवार और रिश्तों का महत्व।
- Social stratification: समाज में वर्गों का अंतर।
- Clinical sociology: मरीज की सामाजिक स्थिति को समझना।
Applied Psychology
- Introduction: मानव व्यवहार को समझने की शुरुआत।
- Mental health: मानसिक स्वास्थ्य का महत्व।
- Developmental psychology: उम्र के अनुसार बदलाव।
- Personality: व्यक्ति का स्वभाव और व्यवहार।
- Motivation & emotions: भावनाओं का प्रभाव।
- Soft skills: communication और व्यवहार कौशल।
- Self-empowerment: आत्मविश्वास बढ़ाना।
Applied Biochemistry
- Carbohydrates: शरीर की मुख्य ऊर्जा।
- Proteins: शरीर के निर्माण और repair में सहायक।
- Lipids: ऊर्जा और सुरक्षा के लिए जरूरी।
- Acid-base balance: शरीर का संतुलन बनाए रखना।
- Enzymes: रासायनिक प्रक्रियाओं को नियंत्रित करना।
- Immunity: शरीर की रक्षा प्रणाली।
Applied Nutrition & Dietetics
- Balanced diet: संतुलित भोजन का महत्व।
- Vitamins & minerals: जरूरी पोषक तत्व।
- Deficiency diseases: पोषण की कमी से होने वाली समस्याएं।
- Therapeutic diet: बीमारी के अनुसार आहार।
- Nutrition education: सही खान-पान की जानकारी देना।
- Government programmes: पोषण योजनाओं में nurse की भूमिका।
इस सेमेस्टर का उद्देश्य यह है कि छात्र मरीज को पूरी तरह समझ सकें—उसका शरीर, मानसिक स्थिति और सामाजिक परिस्थिति। इससे उनकी practical understanding बेहतर होती है।
इस सेमेस्टर में नर्सिंग छात्रों को practical skills, infection control और patient care की गहरी समझ दी जाती है।
Nursing Foundation (I & II)
- Health & Illness: स्वास्थ्य और बीमारी की समझ।
- Communication: मरीज से सही संवाद करना।
- Vital Signs: BP, pulse जैसे संकेतों की जांच।
- Health Assessment: मरीज की स्थिति का आकलन।
- Emergency Care: आपात स्थिति में सहायता।
- Pharmacology: दवाओं का सही उपयोग।
- Mental Health: मानसिक स्थिति को समझना।
Health Informatics & Technology
- EHR: digital patient records का उपयोग।
- Data Management: health data को manage करना।
- Patient Safety: risk कम करना।
- Decision Making: सही clinical निर्णय लेना।
Microbiology & Infection Control
- Microbes: सूक्ष्म जीवों की जानकारी।
- Immunity: शरीर की रक्षा प्रणाली।
- HAI: अस्पताल संक्रमण।
- PPE: सुरक्षा उपकरण का उपयोग।
- Hand Hygiene: साफ-सफाई का महत्व।
- Biomedical Waste: कचरे का सही निपटान।
इस सेमेस्टर में सीखी गई skills छात्रों को hospital work के लिए तैयार करती हैं।
Health / Nursing Informatics & Technology
इस भाग में नर्सिंग छात्रों को यह सिखाया जाता है कि आज के digital समय में patient care को technology के साथ कैसे जोड़ा जाता है। अस्पतालों में अब ज्यादातर काम कंप्यूटर और software के माध्यम से होता है, इसलिए इन topics की समझ होना बहुत जरूरी है।
- Computer Applications: मरीज की जानकारी, रिपोर्ट और data को कंप्यूटर में सुरक्षित रखना और उपयोग करना।
- Delivery System: healthcare services कैसे दी जाती हैं और नर्स की भूमिका क्या होती है।
- Health Informatics: health data को collect, manage और सही जगह इस्तेमाल करना।
- Information Systems: hospital management system और patient records को समझना।
- Electronic Health Records (EHR): मरीज की पूरी medical history को digital रूप में रखना।
- Patient Safety: clinical risk को कम करने के तरीके और सुरक्षा नियम।
- Decision Making: सही समय पर सही clinical निर्णय लेना।
- eHealth: इंटरनेट के माध्यम से health services और जानकारी प्राप्त करना।
- Healthcare Management: data के आधार पर hospital कामकाज को बेहतर बनाना।
- Law & Governance: patient data की privacy और legal नियमों को समझना।
- Quality Care: evidence के आधार पर बेहतर treatment देना।
इन सभी topics का उद्देश्य यह है कि नर्स केवल patient की देखभाल ही न करे, बल्कि modern system के साथ काम करने में भी सक्षम हो सके।
इस सेमेस्टर में नर्सिंग छात्रों को और ज्यादा practical knowledge दी जाती है। यहां पढ़ाई का मुख्य उद्देश्य यह होता है कि छात्र मरीज की देखभाल को और बेहतर तरीके से समझ सकें और hospital environment में confidently काम कर सकें।
Main Topics Covered
- Patient Care: मरीज की daily देखभाल और जरूरतों को समझना।
- Clinical Practice: hospital में काम करने का practical अनुभव।
- Infection Control: संक्रमण से बचाव के तरीके।
- Medical Support: डॉक्टर के साथ मिलकर treatment में सहयोग।
- Emergency Handling: अचानक स्थिति में सही निर्णय लेना।
- Health Monitoring: मरीज के vital signs पर नजर रखना।
इस सेमेस्टर का focus यह होता है कि छात्र theory के साथ-साथ practical skills में भी मजबूत बनें, ताकि वे real-life situations को सही तरीके से संभाल सकें।
इस सेमेस्टर में नर्सिंग की पढ़ाई advanced स्तर पर पहुंच जाती है। यहां छात्रों को अलग-अलग complex diseases, emergency handling और विशेष प्रकार की patient care के बारे में समझाया जाता है।
- ENT Disorders: कान, नाक और गले से जुड़ी समस्याओं की पहचान और देखभाल।
- Eye Disorders: आंखों की बीमारियों को समझना और basic treatment support देना।
- Kidney & Urinary Disorders: गुर्दे और मूत्र तंत्र से जुड़ी बीमारियों की nursing care।
- Male Reproductive Disorders: पुरुष स्वास्थ्य से संबंधित समस्याएं और उनका प्रबंधन।
- Burns & Cosmetic Surgery: जलने की स्थिति और surgery के बाद मरीज की देखभाल।
- Neurological Disorders: दिमाग और nerves से जुड़ी बीमारियों की समझ।
- Immunological Disorders: शरीर की immunity से संबंधित समस्याएं।
- Oncological Conditions: cancer जैसी गंभीर बीमारियों में support care।
- Emergency & Disaster Management: दुर्घटना या आपदा के समय सही और तेज निर्णय लेना।
- Nursing Care of Elderly: बुजुर्ग मरीजों की विशेष जरूरतों को समझना।
- Critical Care Units: ICU जैसी जगहों पर मरीज की निगरानी और care।
- Occupational Health: कार्यस्थल से जुड़ी health समस्याएं।
- Professional Ethics: नर्सिंग में जिम्मेदारी, व्यवहार और नैतिक मूल्यों का पालन।
इस सेमेस्टर में छात्रों को इस तरह तैयार किया जाता है कि वे कठिन परिस्थितियों में भी सही निर्णय लेकर मरीज की बेहतर देखभाल कर सकें।
यह अंतिम सेमेस्टर नर्सिंग छात्रों के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। यहां पढ़ाई पूरी तरह practical और clinical experience पर आधारित होती है, जिससे छात्र hospital में काम करने के लिए पूरी तरह तैयार हो जाते हैं।
Adult Health Nursing I
- Introduction: adult patient care की advanced समझ।
- Intraoperative Care: ऑपरेशन के दौरान मरीज की देखभाल और monitoring।
- Respiratory Problems: सांस से जुड़ी बीमारियों का management।
- Gastrointestinal Disorders: पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याएं।
- Cardiovascular Problems: हृदय रोगों की निगरानी और देखभाल।
- Hematological Disorders: खून से संबंधित रोगों की जानकारी।
- Endocrine Disorders: हार्मोन से जुड़ी समस्याएं।
- Skin (Integumentary): त्वचा रोगों की देखभाल।
- Musculoskeletal: हड्डियों और मांसपेशियों की समस्याएं।
- Communicable Diseases: संक्रमण फैलने से रोकने के तरीके।
Pharmacology (I & II)
- Basic Pharmacology: दवाओं के काम करने का तरीका।
- Antiseptics & Disinfectants: संक्रमण को रोकने वाले chemical।
- System-wise Drugs: respiratory, cardiac, endocrine और अन्य दवाएं।
- ENT & Eye Drugs: आंख और कान से जुड़ी दवाएं।
- Nervous System Drugs: दिमाग से जुड़ी दवाएं।
- Emergency Drugs: तुरंत उपयोग की जाने वाली दवाएं।
- Vitamins & Supplements: शरीर को मजबूत रखने के लिए।
- Drug Safety: सही मात्रा और side effects को समझना।
इस सेमेस्टर का उद्देश्य यह होता है कि छात्र पूरी तरह से clinical environment के लिए तैयार हो जाएं और मरीज की सुरक्षित व प्रभावी देखभाल कर सकें।
इस भाग में नर्सिंग छात्रों को केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि सही तरीके से ज्ञान को दूसरों तक पहुंचाने की कला भी सिखाई जाती है।
- Introduction & Theoretical Foundations: शिक्षा के मूल सिद्धांत।
- Assessment & Planning: पढ़ाने की योजना बनाना।
- Implementation: practical teaching।
- Teaching in Clinical Setting: hospital training।
- Educational Media: charts और videos का उपयोग।
- Evaluation Methods: learning check करना।
- Counseling & Discipline: सही मार्गदर्शन देना।
- Ethics: जिम्मेदारी के साथ teaching।
- Emerging Trends: नई technology।
- Forensic Nursing: legal role।
इस सेक्शन में बच्चों की देखभाल से जुड़ी पूरी जानकारी दी जाती है।
- Child Care Concepts: बच्चों की देखभाल।
- Healthy Child: growth monitoring।
- Neonatal Care: नवजात की देखभाल।
- Childhood Diseases: आम बीमारियां।
- Emergencies & CPR: emergency care।
मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को समझाया जाता है।
- Assessment: मानसिक स्थिति का आकलन।
- Communication: सही बातचीत।
- Mood Disorders: depression आदि।
- Stress Disorders: तनाव की समस्या।
- Substance Use: नशे से जुड़ी समस्या।
- Pregnancy Problems: गर्भावस्था समस्याएं।
- Labour Management: delivery care।
- Postnatal Care: बाद की देखभाल।
- Family Planning: जनसंख्या नियंत्रण।
- Community Health: समाज में काम।
- Adult Health: adult care।
- Child Health: बच्चों की देखभाल।
- Mental Health: मानसिक समझ।
- OBG: महिलाओं की देखभाल।
इस सेक्शन में नर्सिंग से जुड़े मुख्य विषय शामिल होते हैं, जो उम्मीदवार की clinical knowledge और patient care समझ को जांचते हैं।
- Anatomy & Physiology: मानव शरीर की संरचना और कार्य प्रणाली की समझ।
- Microbiology: सूक्ष्म जीव और संक्रमण से जुड़ी जानकारी।
- Medical-Surgical Nursing: विभिन्न बीमारियों में nursing care।
- Community Health Nursing: समाज में स्वास्थ्य सेवाएं और जागरूकता।
- Pediatric Nursing: बच्चों की देखभाल और स्वास्थ्य।
- Psychiatric Nursing: मानसिक स्वास्थ्य और रोगों की समझ।
- Obstetrics & Gynecology: महिलाओं और pregnancy से जुड़ी care।
- Pharmacology: दवाओं का सही उपयोग और प्रभाव।
- Nutrition: संतुलित आहार और पोषण की जानकारी।
इन सभी विषयों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उम्मीदवार मरीज की स्थिति को समझकर सही निर्णय ले सके।
- General Knowledge: देश और दुनिया से जुड़ी सामान्य जानकारी।
- Basic Computer Knowledge: कंप्यूटर के basic concepts।
- Reasoning Ability: तार्किक सोच और समस्या समाधान।
- Quantitative Aptitude: गणितीय प्रश्न और calculation skills।
यह सेक्शन उम्मीदवार की overall aptitude और सोचने की क्षमता को मापता है।
Sister Tutor के लिए syllabus थोड़ा अलग होता है, जिसमें teaching skills और advanced nursing concepts शामिल होते हैं।
- Advanced Nursing Concepts: नर्सिंग के advanced principles और practice।
- Nursing Education: छात्रों को पढ़ाने की तकनीक।
- Research & Statistics: research methods और data analysis।
- Clinical Specialties: specialized areas की जानकारी।
Teaching & Education
- Teaching Methods: पढ़ाने के विभिन्न तरीके।
- Educational Psychology: सीखने की प्रक्रिया को समझना।
- Classroom Management: class को control और manage करना।
- Evaluation Techniques: छात्रों का आकलन।
General Subjects
- English: grammar, vocabulary और comprehension।
- Reasoning: analogy, coding-decoding, series।
- General Awareness: current affairs और general knowledge।
MPESB Nursing Officer और Sister Tutor Syllabus 2026 इस तरह तैयार किया गया है कि यह उम्मीदवार की practical knowledge और theoretical understanding दोनों को test करता है।
जहां Nursing Officer exam में clinical skills पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है, वहीं Sister Tutor exam में teaching ability और concept clarity को महत्व दिया जाता है।
तैयारी के दौरान उम्मीदवारों को चाहिए कि वे अपने core subjects को मजबूत करें, previous year questions practice करें और साथ ही aptitude section पर भी ध्यान दें।
सही strategy और नियमित अभ्यास से इस exam को आसानी से crack किया जा सकता है।
Q1. MPESB Nursing Officer में कौन से subjects आते हैं?
Ans: इसमें Anatomy, Physiology, Nursing subjects और General Aptitude शामिल होते हैं।
Q2. Sister Tutor exam में क्या अलग होता है?
Ans: इसमें teaching skills, education और research topics भी शामिल होते हैं।
Q3. तैयारी कैसे करें?
Ans: basic concepts clear करें, notes बनाएं और नियमित practice करें।
